
बारिश के बाद परिसर में जमा पानी से आवागमन प्रभावित, पुराने भवनों की सुरक्षा पर सवाल
मिश्रिख, सीतापुर। लगातार हो रही भारी बरसात से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में जलभराव की स्थिति और जर्जर आवासीय भवनों की स्थिति दयनीय हो गई है। बारिश के बाद पूरा परिसर जलमग्न होने से मरीजों और तीमारदारों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, परिसर के पुराने आवास भी अंतिम साँस लेने वाली स्थिति में पहुंच रहे हैं। जिसकी वज़ह से वहां रहने वाले कर्मचारियों के परिजनों में में भय का माहौल बना है.
प्रत्यक्ष स्थिति: सीएचसी परिसर के कई हिस्सों में बारिश का पानी तालाब का रूप ले चुका है।
परिसर में बने पुराने आवासीय भवनों की दीवारों और छतों पर भी जर्जर हालात में हैं। घरों में फ्रिज, वाशिंग मशीन, टॉयलेट, किचन, कमरों में पानी भर गया है. दो दिन से बिजली पानी की समस्या है. भुखमरी जैसे हालात बन चुके हैं. अस्पताल की रिहायशी भवनों में जगह-जगह प्लास्टर उखड़ा हुआ दिखाई देता है। हालांकि, भवनों की वास्तविक संरचनात्मक स्थिति का आकलन तकनीकी जांच के बाद ही किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का दावा: स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। उनका कहना है कि अस्पताल परिसर के आवासों के कर्मचारियों,मरीजों और तीमारदारों को इससे परेशानी होती है। लोगों ने जर्जर भवनों की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
अब विभागीय कार्रवाई पर नजर: जलभराव की समस्या के समाधान के लिए जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा और जर्जर भवनों का तकनीकी निरीक्षण जरूरी है। संबंधित विभाग की ओर से निरीक्षण और कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन भवनों की मरम्मत, पुनर्निर्माण या अन्य कार्रवाई आवश्यक है।



