तेलंगाना सीसीएमबी कंपनी (सेलुलर और आणविक जीवविज्ञान) द्वारा विकसित एमआरएनएयह पूरी तरह से स्वदेशी है और बिना किसी बाहरी वैज्ञानिक सहायता के विकसित किया गया था। यह कोरोना के बाद भी मदद करेगा। इसका उपयोग मलेरिया, डेंगू और तपेदिक के लिए भी किया जा सकता है। यह COVID 19 के खिलाफ 90% प्रभावी है।
देश भर के 50 शहरों में अब तक 5G सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स ने अक्टूबर से सेवाएं शुरू कर दी हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, सेवा प्रदाता अपने ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त […]
नई दिल्ली। फिट इंडिया एप को 1 साल में 5 मिलियन से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड कर लिया है। ये आंकड़े बताते हैं कि किस तरह से हाल के वर्षों में लोगों के बीच स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है। बड़ी बात कि हाल के वर्षों में विश्वभर में किसी भी उम्र वर्ग में हार्ट […]