दिल्ली राष्ट्रीय

लगातार बारिश के बाद रोहिणी में सीवेज सिस्टम फेल, निर्माणाधीन भवनों की सुरक्षा खतरे में

नई दिल्ली: रोहिणी की एक प्रमुख चैरिटेबल सोसाइटी ने सेक्टर-14 इंस्टीटूशनल एरिया में अपने निर्माणाधीन परिसर के पास गंभीर सीवेज अवरोध और संरचनात्मक क्षति का हवाला देते हुए सार्वजनिक सुरक्षा के लिए “गंभीर और आसन्न खतरे” की आशंका जतायी है। दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु कार्यरत पंजीकृत परोपकारी संगठन ओम जी विकलांग कल्याण समाज ने किसी भी तरह के नुकसान को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कई सरकारी विभागों को समस्या से अवगत कराया है ।

दिल्ली में 3 दिन से लगातार हो रही बारिश ने सीवेज संकट को ओर अधिक बढ़ा दिया है सभी संस्थानों के बेसमेंट को जलमग्न कर दिया है । आसपास के क्षेत्र में सीवरेज प्रणाली की पूर्ण विफलता के कारण व्यापक जलभराव और पूरे इलाके में सीवेज का सिस्टम ख़राब हो गया है। बाल भारती स्कूल से सिद्धि विनायक मंदिर होते हुए रोहिणी फायर डिपार्टमेंट ऑफिस तक फैला यह अवरोध पूरे जल निकासी नेटवर्क को लगभग निष्क्रिय बना दिया है। क्षेत्र में स्थित संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के अनुसार सबसे चिंताजनक स्थिति सेक्टर-14 एक्सटेंशन में स्थित संस्थानों के निर्माणाधीन इमारतों के बेसमेंट में सीवरेज से जल भराव है, जो लंबे समय से खराब सिवेज सिस्टम के वजह से जलमग्न है।

किसी इमारत की नींव का स्थिर सीवेज जल के संपर्क में लंबे समय तक रहना मिट्टी की वहन क्षमता को काफी कमजोर कर सकता है, निर्माण सामग्री के क्षरण को तेज कर सकता है, रिटेनिंग संरचनाओं के खिलाफ हाइड्रोस्टेटिक दबाव बढ़ा सकता है। इस क्षेत्र के निवासी और कर्मचारी अस्वच्छ परिस्थितियों के संपर्क में ला सकता है, जहां स्थिर सीवेज से दुर्गंध आ रही है तथा मच्छरों और रोग वाहकों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। क्षेत्र के निवासियों ने आशंका जताई है कि यदि स्थिति अनियंत्रित रही तो इससे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को अपूरणीय क्षति पहुंचने के अलावा संचारी रोगों का प्रकोप भी हो सकता है।

सीवेज संकट के अलावा एक और गंभीर समस्या ने चिंता बढ़ा दी है। पास में ही निर्माणाधीन फैमिली कोर्ट कॉम्प्लेक्स में अनधिकृत और अनियंत्रित एक भारी धातु संरचना बनाई गई है, जिसके दबाव से ओम जी विकलांग कल्याण समाज की बाउंड्री दीवार का निचला हिस्सा पहले ही ढह चुका है। संस्था का कहना है कि इससे इमारत की नींव कमजोर हो रही है और आसपास की संरचनाएं खतरे में आ गई हैं।

इलाके के सभी संस्थानों का आरोप है कि उन्होंने पीडब्ल्यूडी और एमसीडी को कई बार शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने अन्य सक्षम अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *